वाराणसी, जुलाई 27 -- Varanasi News: वाराणसी। ब्रह्मा, विष्णु, महेश भी बिना गुरु आश्रय के भवसागर पार नहीं हो सकते। गुरु देह नहीं अपितु एक तत्व है जो मानव को अंधकार से प्रकाश की यात्रा कराता है। जीवात्मा से परमात्मा के मिलन की मध्यस्थता सद्गुरु ही करते है। ये विचार पं.सद्भव तिवारी (नर्मदापुरम्) के हैं। वह रामानंद विश्व हितकारिणी परिषद की ओर से गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तहत आयोजित श्रीराम कथा में सोमवार को प्रवचन कर रहे थे। गुरुधाम स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर प्रांगण में हो रही कथा में उन्होंने कहा कि जो ब्रह्म निर्गुण निराकार हैं। वे भक्तों के प्रेमवश सगुण साकार स्वरूप धारण करते हैं। यह भी पढ़ें- गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई से: शुभ योग में होगी गुरु पूजा, ज्ञान और कृतज्ञता का महापर्व वे भगवान भक्त के वश हो इस संसार में अद्भुत लीलाएं करते हैं। राज...