वाराणसी, अगस्त 7 -- Varanasi News: वाराणसी। उपशास्त्रीय और शास्त्रीय संगीत के विविध रंग शुक्रवार को भावना और एंकर्स ग्लोब की ओर से आयोजित कजरी ठुमरी उत्सव में दिखे। मेघ राग में बंदिश की अवतारणा हुई तो ठुमरी, कजरी, झूला और लचारी जैसी लोक शैलियों के श्रवण का सुयोग भी बना। ये सारी प्रस्तुतियां दोनों संस्थाओं के सदस्यों ने मिलकर दीं। विनोद और सुमन ने राग खमाज में ठुमरी 'पनिया भरन कैसे जाऊं' से शुरुआत की। ठुमरी की अदाएं बिखरते हुए उन्होंने 'मन मोहन श्याम रसिया' के जरिए माहौल को नयापन दिया। इसके बाद अभिषेक सेठ और नेहा सेठ ने राग पीलू में 'याद पिया की आए' और 'आए न बालम' के जरिए बोल बनाव की ठुमरी से रूबरू कराया। यह भी पढ़ें- Varanasi News: 'बरखा बहार आई' में महिलाओं ने बांधी समा आनंद शर्मा और मिनी शर्मा ने राग पीलू में ठुमरी 'हौले हौले लगावों पार...