वाराणसी, सितम्बर 10 -- Varanasi News: वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। भिखारीपुर हाइडिल कॉलोनी के मेजर वर्कशॉप से भेजे गए ट्रांसफार्मर के साइट पर लगते ही जलने के मामले में उपकरणों की जांच प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लग गया है। क्वलिटी सेल, थर्ड पार्टी निरीक्षण और सैंपलिंग टीम की रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जांच प्रक्रिया विभागीय जानकारी के अनुसार ट्रांसफार्मर के उपकरणों की त्रि-स्तरीय जांच होती है। सबसे पहले क्वालिटी सेल को जांच के लिए कंपनी भेजा जाता है। इसमें पूर्वांचल डिस्कॉम से नामित अधिशासी अभियंता स्तर के अफसर होते हैं। इनके साथ थर्ड पार्टी निरीक्षण कराने वाली एजेंसी के एक्सपर्ट भी होते हैं। दोनों टीम एक साथ अपनी रिपोर्ट सौंपती हैं। रिपोर्ट आने के बाद कंपनी से उपकरण की सप्लाई पूर्वांचल डिस्कॉम के स्टोर में की जाती है। इसके बाद स्टोर से ...