वाराणसी, नवम्बर 5 -- बौद्ध दर्शन और उत्तर तंत्र पर विचार Varanasi News: सारनाथ, हिन्दुस्तान संवाद। निर्वासित तिब्बत सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री प्रो. एस. रिनपोछे ने बौद्ध दर्शन में क्षणिकवाद सिद्धांत पर विमर्श किया। कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण परिवर्तनशील है जिसका हम अनुभव नहीं कर पाते हैं। इस अनित्यता को स्पष्ट करने के लिए इसका प्रतिपादन किया गया। केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान में गुरुवार को उत्तर तंत्र ग्रंथ पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन में प्रो. रिनपोछे ने विचार व्यक्त किया। कहा कि उत्तर तंत्र ग्रंथ को प्रासंगिकता माध्यमिक दर्शन की दृष्टि से समझना चाहिए। बौद्ध दर्शन में किसी भी विषय अथवा सिद्धांत की स्थापना के लिए चार प्रमाणों और तर्कों का सहारा लिया जाता है। स्थूल चित्त इंद्रियों पर आधारित होता है इसलिए वह एक से ...