वाराणसी, अक्टूबर 24 -- Varanasi News: रामनगर (वाराणसी), संवाददाता। भरत का राम के प्रति प्रेम और उन पर अटूट विश्वास का फल रहा कि राम 14 वर्ष के वनवास के बाद सकुशल अयोध्या लौट आए। भाइयों के बीच इस तरह के प्रेम की कल्पना कलयुग में संभव नहीं है। यदि ऐसा हो जाए तो रामराज सिर्फ कल्पना नहीं रहेगा। नंदीग्राम में अपने पर्णकुटी में बैठे भरत सोचते रहते हैं कि राम कब अयोध्या लौटेंगे, एक दिन शेष है। यह प्रसंग रामनगर की रामलीला में शुक्रवार को मध्यरात्रि में सजीव हुए। प्रसंग का आरंभ नंदीग्राम से हुआ। भरत की दाहिनी आंख बार-बार फड़कने लगी। उसी समय उनके पास ब्राह्मण के वेश में हनुमानजी पहुंचे। उन्होंने राम के सकुशल अयोध्या लौटने का उनको समाचार सुनाया। समाचार देकर हनुमानजी वापस राम के पास लौट गए। उनके आने का समाचार सुनकर भरत आनंदित हो उठे। अयोध्या पहुंचकर ...