वाराणसी, अक्टूबर 28 -- Varanasi News: वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन के साहित्यिक प्रकल्प काव्य गंगा के अंतर्गत अस्सी घाट पर मंगलवार की शाम गजल को समर्पित रही। कार्यक्रम में आमंत्रित रचनाकार सुप्रसिद्ध गजलकार धर्मेन्द्र गुप्त 'साहिल', डॉ. नसीमा निशा और कवियित्री झरना मुखर्जी थे। झरना मुखर्जी ने 'माल-ओ-दौलत न तो खजाने हैं, हम तो बस आपके दीवाने हैं' गजल से शुरुआत की। डॉ. नसीमा निशा ने 'दिल ये कहता है बस लिखूं तुमको, और फिर उम्र भर पढ़ूं तुमको' सुनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे धर्मेन्द्र गुप्त 'साहिल' ने 'मैं जो इतना सरल नहीं होता, मेरे हिस्से में गरल नहीं होता' सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। इस दौरान बीना त्रिपाठी, सूर्यकांत त्रिपाठी, जया टंडन और ऋतु दीक्षित, अनु मिश्रा आदि उपस्थित रहे। रचनाकारों का स्वागत डॉ. महेंद्र तिवारी अलंका...