वाराणसी, अगस्त 31 -- Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि अपनी विशिष्ट विचित्रता के कारण अब भी लोक में प्रिय है। इसका ज्योतिषीय पक्ष यह है कि यह हमेशा चतुर्थी का दामन थाम कर आती है। लिहाजा इससे संबंधित लोकाचार भी दो हिस्सों में संपादित होते हैं। रविवार को इसके प्रथम पक्ष का निर्वाह हुआ। यह भी पढ़ें- Kajri Teej Katha: 31 अगस्त को कजरी तीज व्रत, पढ़ें ब्राह्मण से जुड़ी कजरी तीज कथापरंपरा और उत्सव दूसरा पक्ष तृतीया युक्त चतुर्थी तिथि, 31 अगस्त को पूरा किया जाएगा। रविवार को लोगों ने जलेबा खाया, पक्के महाल की गलियों से लेकर जिले की शहरी-ग्रामीण सीमा पर बसे टोलों-मोहल्लों में कजरी गाई गई। सामने घाट के महामृत्युंजय मंदिर में सारी रात कजरी और जलेबा का दौर चला। वहीं बरेका, चितईपुर, मलियान, नरिया आदि हिस्सों में पांच, सा...