वाराणसी, जुलाई 2 -- Varanasi News: वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में बुधवार को अस्सी घाट पर कोलकाता विश्वविद्यालय की प्रो. तापसी घोष का सुरीला शास्त्रीय गायन हुआ। उन्होंने राग बसंत मुखारी की अवतारणा की। विलंबित एक ताल और द्रुत तीन ताल में निबद्ध पारंपरिक बंदिशें सुनाने के बाद समापन राग भैरवी में पारंपरिक ठमरी 'रस के भरे तोरे नैन' से किया। उनके साथ तबला पर पंकज राय एवं हारमोनियम पर प्रवीण सिंह संगत की।

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