वाराणसी, अगस्त 25 -- Varanasi News: वाराणसी। छावनी क्षेत्र में पौराणिक काल का चंडीश्वर महादेव का मंदिर है। करियप्पा मार्ग पर भीष्म देवी मंदिर के सामने स्थित चंडीश्वर शिवलिंग का वर्णन काशी खंड में मिलता है। मान्यता है कि चंडीश्वर के पूजन-अर्चन से जन्म चक्र से मुक्ति मिलती है, पुनर्जन्म नहीं होता। शास्त्रों में महादेव शिव ने विभिन्न शिवलिंगों की दिव्य शक्तियों के क्रम में चंडीश्वर शिवलिंग का भी वर्णन किया है। काशी खंड के 73वें अध्याय में इस शिवलिंग की चर्चा है। 14 लिंगों के दूसरे समूह में चंडीश्वर का क्रम 11वां है।

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