वाराणसी, अक्टूबर 16 -- रामनगर, संवाददाता। रामजी की वानरी सेना कहने को वानरों की थी। इसमें एक से एक शूरवीर थे। हनुमान ने तो पहले ही अपनी वीरता से लंका के नाक में दम कर दिया था। जब अंगद की बारी आई तो उन्होंने तो रावण के हर छोटे बड़े शूरमा को लज्जित तो किया ही रावण का भी मानमर्दन कर दिया। रामलीला के 21वें दिन गुरुवार को अंगद विस्तार की लीला हुई। जब समुद्र पार करके राम की सेना लंका में प्रवेश की तो जामवंत की सलाह पर युद्ध को टालने के लिए राम ने अंगद को दूत बना कर रावण को समझाने के लिए भेजा। उधर रावण के दूत ने उसे बताया कि राम सेना सहित लंका में प्रवेश कर गए हैं। यह सुनकर रावण अपने मंत्रियों से विचार-विमर्श करता है। इधर राम अपनी सेना के साथ सुवेलगिरी पर्वत पर डेरा डालकर विभीषण से विचार-विमर्श करते हैं। रावण मनोरंजन कर रहा था उसी समय राम एक बाण ...