नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- वैशाख का मास श्री हरि की पूजा के लिए खास माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो मनुष्य अक्षय मोक्षके भागी होते हैं, उन्हें अक्षय तृतीया के दिन श्रीमधुसूदन की सूर्योदयकाल में प्रातःस्नान करके पूजा करके प्रसन्नता के लिए दान करते हैं। उन्हें श्रीहरि उत्तम फल देते हैं। इस दिन वह पुण्यकर्म भगवान्‌ विष्णु की पूजा करके कथा सुनते हैं, वे भगवान की आज्ञा से अक्षय फल पाते हैं। वैशाख मासकी पवित्र तिथियों में शुक्ल पक्ष की द्वादशी समस्त पापराशिका विनाश करनेवाली है। एकादशी के दिन व्रत करके अगले दिन शुक्ला द्वादशी को योग्य पात्र के लिए जो अन्न दिया जाता है, उसके एक-एक दाने में कोटि-कोरि ब्राह्मण भोजन का पुण्य होता है। शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि में जो भगवान्‌ विष्णु को प्रसन्नता के लिए जो जागरण करता है, वह जीवन्मुक्त होता है। जो वैशाख...