नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- हिंदू धर्म में अमावस्या का दिन बहुत खास माना जाता है। इस दिन लोग स्नान करके दान-पुण्य करते हैं और अपने पितरों को याद करते हैं। मान्यता है कि अमावस्या पर किए गए छोटे-छोटे धार्मिक काम भी शुभ फल देते हैं। कहा जाता है कि जब पितर प्रसन्न होते हैं तो जीवन में आने वाली रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और मन भी हल्का महसूस होता है। कई बार बिना वजह काम अटकते हैं या मानसिक तनाव बना रहता है, तो इसे पितृ दोष से जोड़कर देखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि अगर पूर्वजों को सही तरह से याद न किया जाए या तर्पण न किया जाए, तो जीवन में अड़चन महसूस हो सकती है। इसलिए वैशाख अमावस्या को पितरों की शांति के लिए अच्छा मौका माना जाता है।कब है वैशाख अमावस्या? वैशाख अमावस्या कल यानी 17 अप्रैल को है। ऐसे में कल स्नान दान और पितृ तर्पण का काम होगा।...
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