नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- वैशाख अमावस्या यानी मेष संक्रांति बहुत खास मानी जाती है। इसमें जो अमावस्या आती है, उसे खास माना जाता है। एक-एक तिथि में किया हुआ पुण्य कोटि-कोटि गुना अधिक होता है। उनमें भी जो वैशाखकी अमावास्या तिथि है, वह मनुष्यों को मोक्ष देनेवाली है, देवताओं और पितरों को वह बहुत प्रिय है। यह तिथि शीघ्र ही मोक्ष देने वाली है। जो उस दिन पितरोंके उद्देश्य से श्राद्ध करते और जलसे भरा हुआ घडा एवं पिण्ड देते हैं, उन्हें अक्षय फलकी प्राप्ति होती है। मेष राशि में सूर्य के स्थित रहते हुए वैशाख मास में प्रातःकाल स्नान करके देवताओं, ऋषियों और पितरों का तर्पण करना चाहिए, इस तरह श्राद्ध करके उसके द्वारा पितरों को मुक्ति मिलती है।कब है वैशाख अमावस्या 2026 तारीख और दिन इस साल वैशाख अमावस्या 16 अप्रैल 2026 को सुबह 8.11 बजे शुरु होगी और अगले दिन...