नई दिल्ली, जुलाई 14 -- WPI inflation data: पश्चिम एशिया संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य की प्रभावी नाकेबंदी और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उछाल ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है। दरअसल, वैश्विक स्तर पर बदलते हालात का असर थोक महंगाई के आंकड़ों पर पड़ा है। आंकड़े बताते हैं कि जून के महीने में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 9.87 प्रतिशत हो गई। मई में यह 9.68 प्रतिशत थी। बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच कई महीनों से तनाव है।क्या कहते है आंकड़े वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि थोक मुद्रास्फीति के जून 2026 के आंकड़े पर खनिज तेल (जिसमें पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं), खाद्य वस्तुएं, मैन्युफैक्चरर मेटल और केमिकल प्रोडक्ट आदि की कीमतों का असर दिखा। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ई...