नई दिल्ली, मार्च 22 -- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी यूपी टीईटी की गाइडलाइन में प्राथमिक स्तर की परीक्षा में बीएड का जिक्र होने से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने 11 अगस्त 2023 के आदेश में प्राथमिक स्तर की शिक्षक भर्ती में बीएड अभ्यर्थियों को अर्ह नहीं माना था। आयोग की गाइडलाइन में प्राथमिक स्तर की टीईटी के लिए शैक्षिक अर्हता में बीएड नहीं है। हालांकि अर्हता के नीचे दी गई टिप्पणी में लिखा है कि एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों से शिक्षा स्नातक की उपाधि (बीएड) प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा एक से पांच) में नियुक्त होने के दो वर्ष के भीतर प्राथमिक शिक्षा में छह माह का एक सेतु पाठ्यक्रम (ब्रिज कोर्स) आवश्यक रूप से पूरा करना होगा। इससे कुछ अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति है। इस...
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