संजोग मिश्र, अगस्त 27 -- चार साल के अंतराल के बाद आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दोनों स्तर की परीक्षा में 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी सफल हैं। 2011 में पहली बार आयोजित टीईटी के बाद अब तक तीन संस्थाएं टीईटी करा चुकी हैं। 13 नवंबर 2011 को पहली बार यूपी बोर्ड ने परीक्षा कराई थी। उसके बाद से 2022 तक परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने परीक्षा कराई और 2026 की परीक्षा पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कराई है। चयन आयोग की ओर से बुधवार को घोषित परिणाम ने अभ्यर्थियों की बल्ले-बल्ले कर दी। खासतौर से कार्यरत शिक्षकों में खुशी की लहर है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरटीई लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी टीईटी पास करना अनिवार्य था। दो से चार जुलाई तक प्रदेश के ...