UPSC Success Story: मां ने की मेहनत-मजदूरी, 21 में IPS और 22 की उम्र में IAS बनी दिव्या
नई दिल्ली, जून 22 -- IAS Divya Tanwar Success Story: कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों, तो किस्मत की लकीरें भी रास्ता बदल देती हैं। हरियाणा के एक छोटे से गांव निंबी की रहने वाली दिव्या तंवर की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है। दिव्या का यह सफर सिर्फ UPSC परीक्षा को पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक मां के अटूट विश्वास और उसकी बेटी के कभी न हार मानने वाले संकल्प की गाथा है। आज देश भर के लाखों छात्रों के लिए दिव्या तंवर एक रोल मॉडल बन चुकी हैं।बचपन में उठा पिता का साया, मां ने खेतों में की मजदूरी दिव्या का शुरुआती जीवन बेहद कठिनाइयों से भरा रहा। साल 2011 में जब वह महज 8-9 साल की थीं, तब उनके पिता का असमय निधन हो गया। पिता की मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में दिव्या और उनके तीन भाई-बहनों की जिम्मेदारी अकेले उनकी मा...
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