नई दिल्ली, अगस्त 29 -- हर साल लाखों नौजवान अपनी आंखों में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की फाइनल लिस्ट में अपना नाम देखने का ख्वाब देखते हैं। कई लोगों के लिए यह सफर सालों की लंबी तैयारी, अनगिनत कोशिशों और मायूसियों से होकर गुजरता है। लेकिन श्रेया झा की कहानी थोड़ी अलग है। उनकी कामयाबी की बुनियाद में है एक साफ मकसद, लगातार कुछ नया सीखने की चाहत और अटूट फोकस। साल 2025 के यूपीएससी नतीजे जब आए, तो श्रेया ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 357 हासिल कर अपना सपना सच कर दिखाया। कानून, पब्लिक पॉलिसी और गवर्नेंस जैसी चीजों को लेकर उनकी जो किताबी दिलचस्पी थी, उसे उन्होंने एक शानदार कामयाबी में तब्दील कर दिया। एक लॉ ग्रेजुएट होने के नाते, उन्होंने इस परीक्षा को सिर्फ एक रेस या इम्तिहान की तरह नहीं देखा। उनके लिए यह एक ऐसा मौका था जिसके जरिए वो अवाम की सेवा करने ...