नई दिल्ली, जून 26 -- क्या एक भारी-भरकम सैलरी और नामी-गिरामी कंपनी का ठप्पा इंसान को हमेशा के लिए खुश रख सकता है? या फिर हमारी खुशी का पैमाना कुछ और ही है? आजकल सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही सवाल गूंज रहा है, जिसने कॉरपोरेट जगत और सरकारी नौकरी के सपनों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। मामला एक युवा टेक इंजीनियर का है, जिन्होंने माइक्रोसॉफ्ट जैसी ड्रीम कंपनी से इस्तीफा देकर सिविल सर्विसेज की राह पकड़ ली है। यह कहानी शुरू होती है एक्स पर एक वायरल पोस्ट से। जहां यूजर @VikasAlwys ने अपनी एक स्कूल की दोस्त के बारे में लिखा, जो न सिर्फ पढ़ाई में तेज थी, बल्कि उसने सफलता की सीढ़ियां भी बहुत तेजी से चढ़ी थीं। 12वीं के बाद JEE मेन क्लियर किया, NIT वारंगल में ईसीई ब्रांच मिली और 2023 में बीटेक की डिग्री पूरी की। हाथ में था 45 लाख रुपये सालाना का पैकेज और माइ...