नई दिल्ली, मार्च 16 -- पीसीएस अफसर बनने का ख्वाब हर साल उत्तर प्रदेश और देश के लाखों युवा देखते हैं। प्रयागराज के छोटे-छोटे कमरों में दिन-रात एक करके, किताबों के पन्नों में अपनी जवानी खपा देने वाले इन छात्रों का एक ही सपना होता है लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करके अपने परिवार का नाम रोशन करना। लेकिन जरा सोचिए, कैसा महसूस होता होगा जब इन होनहार और योग्य छात्रों का हक कोई ऐसा अभ्यर्थी छीन ले, जो असल में उस पद के लायक ही नहीं है? उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की सबसे प्रतिष्ठित 'सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा' (पीसीएस) भर्ती में कुछ ऐसा ही चिंताजनक खेल सामने आ रहा है। फर्जी सूचना और गलत दावों के आधार पर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के कारण हर साल सैकड़ों योग्य और होनहार छात्रों को अकारण ही रेस से बाहर होना पड़ रहा है।...
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