विधि संवाददाता, अप्रैल 18 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के असिस्टेंट प्रोफेसर अभ्यर्थियों के लिए सभी विषयों की पुनर्परीक्षा आयोजित करने के फैसले में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह एवं न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कहा कि संपूर्ण लिखित परीक्षा को रद्द करना अनुचित है क्योंकि पेपर लीक के साक्ष्य स्पष्ट रूप से 33 में केवल पांच विषयों तक ही सीमित थे। कोर्ट ने यह आदेश एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर शुक्रवार को दिया। विशेष अपील पर बहस करते हुए सीनियर एडवोकेट राहुल श्रीपत एवं अधिवक्ता ईशिर श्रीपत ने कोर्ट को बताया कि 33 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर चयन के लिए मूल रूप से 16 और 17 अप्रैल 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। पेपर लीक के आरोपों की जांच ...