आनंद सिन्हा, अप्रैल 11 -- UP News: यूपी में मतदाता पुनरीक्षण के बाद एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो गई है। प्रदेश में मतदाता सूची से दो करोड़ नाम कटने के बाद सियासी दलों के सामने नई चुनौती आ खड़ी हुई है। कारण यह कि भाजपा के वर्चस्व वाले बड़े शहरों में भारी संख्या में वोट कम हुए हैं। वहीं कमोबेश हर जिले की वीआईपी सीटों पर जहां मतों का अंतर बहुत कम था, वोट कटने से असर पड़ना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर मुस्लिम बहुल जिलों में कमोबेश कम प्रतिशत में वोट कटने से भी सवाल उठ रहे हैं कि वोट कटने से किसे नफा होगा और किसे नुकसान...। सियासी जानकार कहते हैं कि वोट तो कटे हैं लेकिन कहां किस दल के कितने वोट कट गए? यह तस्वीर साफ नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मतदाता जोड़ने के अभियान में सत्ता पक्ष ने बाजी मारी है या फिर विपक्ष के वोट ज्यादा जुड़े हैं...