नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो सका। 1 अप्रैल इसकी अंतिम तिथि थी। बोर्ड ने मूल्यांकन अवधि को 4 अप्रैल तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। ईद व राम नवमी की छुट्टी होने के चलते मूल्यांकन कार्य में देरी हुई। मूल्यांकन कार्य में देरी के चलते परीक्षा परिणाम घोषित होने में भी देरी की आशंका जताई जा रही है। प्रदेश के 254 मूल्यांकन केंद्रों में से अब तक 117 केंद्रों पर मूल्यांकन का कार्य पूरा हो चुका है। करीब 80 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन संपन्न हो गया है, जबकि शेष कॉपियों की जांच 4 अप्रैल तक पूरी होने की उम्मीद है। मंगलवार को 192 केंद्रों पर 47,804 परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य किया। इस दौरान हाईस्कूल की 5,80,800 और इंटरमीडिएट की 5,98,996 समे...