नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि 'गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (यूएपीए) के तहत किसी विदेशी नागरिक को जमानत देने पर कोई रोक नहीं है, बशर्ते भारत में उसका भारत में प्रवेश कानूनी और अधिकृत हो। इस जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें एक आतंकी मामले में श्रीलंकाई नागरिक की जमानत रद्द करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलट दिया था। पीठ ने कहा कि यूएपीए की धारा 43डी (7) के तहत किसी विदेशी नागरिक को जमानत देने के लिए कड़े नियम होने के बावजूद, अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपी का भारत में प्रवेश अवैध था। पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) आरोपी के भारत में प्रवेश को प्रथमदृष्टया अनधिकृत या अवैध साबित करने के लिए रिकॉर्ड प...