नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ मार्ग पर स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और प्राचीन तीर्थ स्थल है। यह मंदिर केवल भगवान विष्णु को समर्पित नहीं है, बल्कि भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह स्थल के रूप में विश्व प्रसिद्ध है। मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां त्रेता युग से लगातार जल रही अखंड ज्योति आज भी प्रज्वलित है। नवविवाहित जोड़े यहां आने के लिए लंबी लाइनें लगाते हैं, क्योंकि मान्यता है कि यहां दर्शन करने और हवन कुंड की राख ले जाने से वैवाहिक जीवन सुखमय और स्थिर रहता है।त्रियुगीनारायण मंदिर का पौराणिक महत्व त्रियुगीनारायण मंदिर त्रेता युग से जुड़ा हुआ है। शास्त्रों और लोक कथाओं के अनुसार, इसी स्थान पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। भगवान विष्णु ने इस विवा...
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