नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐसा बड़ा सियासी भूचाल आया है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। राज्य के उप-चुनावों से ठीक पहले चुनाव आयोग ने 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और पार्टी के ऐतिहासिक प्रतीक चिन्ह 'जोड़ाफुल' को पूरी तरह से 'फ्रीज' कर दिया है। 1 जनवरी 1998 को ममता बनर्जी के पार्टी के गठन के बाद यह पहला मौका होगा जब बंगाल के मतदाता EVM पर न तो तृणमूल कांग्रेस का नाम देख पाएंगे और न ही उनका जाना-पहचाना चुनाव चिन्ह। 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उप-चुनाव में अब दोनों गुटों को बिल्कुल नए नाम और नए चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरना होगा।11 बजे तक चुनाव आयोग ने मांगे थे नए नाम और चिन्ह तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी घमासान और पार्टी के टूटने के बाद चुनाव आयोग ने यह अंतर...