नई दिल्ली, मई 31 -- उत्तर प्रदेश समेत देश भर के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए हाल ही में आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। न्यायालय द्वारा शिक्षकों को एक वर्ष की बड़ी राहत देने के बाद अब शिक्षक समुदाय के भीतर चल रही बहस ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस बार शिक्षकों की नाराजगी का केंद्र शासन या न्यायालय नहीं, बल्कि खुद उनके अपने शिक्षक संगठन और उनके पदाधिकारी बन गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर शिक्षकों के विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में इस मुद्दे पर खुलकर अंतर्कलह सामने आ रही है। शिक्षक अपने ही संघों की कार्यप्रणाली और रणनीतियों पर तीखे सवाल उठा रहे हैं।व्हाट्सएप ग्रुप्स में फूटा शिक्षकों का गुस्सा; 'समन्वय की कमी' पर उठाए सवाल विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में वायरल हो रही पोस्टों और कमेंट्स में ...