नई दिल्ली, फरवरी 7 -- हिंदू धर्म में सूर्य को साक्षात देवता के रूप में पूजा जाता है। यही वजह है कि लोग प्रतिदिन स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देते हैं। हालांकि सूर्य ग्रहण के समय कुछ नियम बदल जाते हैं। बता दें कि सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक ही नहीं बल्कि धार्मिक महत्व भी माना जाता है। जहां एक ओर खगोल विज्ञान में इंटरेस्ट लेने वाले लोग इस दौरान शोध और अध्ययन में जुट जाते हैं, वहीं धार्मिक मान्यताओं को मानने वाले लोग इससे जुड़े नियमों का पालन करने लगते हैं। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण इसी महीने यानी फरवरी में लगने वाला है। इस दौरान कुछ चीजों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण से कुछ घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसमें पूजा-पाठ और किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। नीचे जानें इस साल के...