नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- पोर्न पर प्रतिबंध और कड़े नियमों की मांग कर रही एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालांकि, अदालत ने इसपर सुनवाई के लिए चार हफ्ते के बाद का समय दिया है। खास बात है कि इस दौरान कोर्ट ने नेपाल में हुए जेन जी प्रदर्शनों का भी हवाला दिया और कहा कि एक बैन के चलते मुल्क में क्या हो गया था। नेपाल में सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ युवा सड़कों पर उतर आए थे। CJI यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी। खास बात है कि सीजेआई 23 नवंबर को रिटायर होने जा रहे हैं। इधर, भारत के नए मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस सूर्य कांत पद संभालेंगे। इससे पहले पद पर जस्टिस संजीव खन्ना थे, जो इस साल मई में रिटायर हो गए। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ता की मांग थी...
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