सुपौल, अक्टूबर 27 -- पिपरा में मिठाई की आपूर्ति और उत्पादन पर पड़ताल Supaul News: पिपरा, एक संवाददाता। पिपरा बाजार में बिक रहे रसगुल्ले की सफेदी और बर्फी की चमक के पीछे अंधेरी भट्ठियां हैं जहां न पानी की जांच है न कारीगरों के हाथों में ग्लव्स। हमारी पड़ताल में पिपरा प्रखंड में मिठाई का पूरा सप्लाई-रूट सामने आया है। पिपरा में मिठाई का कोई बड़ा कारखाना नहीं है लेकिन सप्लाई का पूरा नेटवर्क सक्रिय है। रोज सुबह 4 से 5 बजे के बीच सहरसा और राघोपुर से थर्माकोल के बक्सों में मावा और डालडा के प्लास्टिक डिब्बों में रसगुल्ला पिपरा चौक पर उतरता है। कोई कोल्ड चेन नहीं कोई पक्का बिल नहीं। पिपरा के एक होलसेल सप्लायर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया त्योहार के सीजन में रोज 4 से 5 क्विंटल मावा आता है जो 2 घंटे में ही सारी दुकानों पर बंट जाता है। उसी मावे से...