सुपौल, सितम्बर 7 -- Supaul News: छातापुर, एक प्रतिनिधि। कोसी क्षेत्र में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए बनाए गए बाढ़ आश्रय स्थल खुद कचरे और जंगल से पटे हुए हैं।

खराब स्थिति की हकीकत छातापुर प्रखंड की चार पंचायतों में बने बाढ़ आश्रय स्थलों की पड़ताल में व्यवस्था की पोल खुल गई। कहीं आश्रय स्थल पर जंगल उग आया है तो कहीं अतिक्रमण है। कहीं यह नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है तो कहीं सांप-बिच्छुओं का बसेरा बना हुआ है। छातापुर सदर पंचायत के वार्ड संख्या 5, लालगंज पंचायत के वार्ड संख्या 15, डहरिया पंचायत के वार्ड संख्या 5 और घीवहा पंचायत के वार्ड संख्या 8 में बने बाढ़ आश्रय स्थलों की जमीनी हकीकत की पड़ताल की गई। छातापुर पंचायत के वार्ड संख्या 5 में वर्ष 2009 में बना बाढ़ आश्रय स्थल सबसे अधिक बदहाल मिला। वर्ष 2008 की भीषण बाढ़ के बाद बनाए गए इस आश्रय...