सुपौल, अक्टूबर 14 -- बरुआरी पश्चिम दुर्गा मंदिर का इतिहास और महत्व Supaul News: सुपौल, एक संवाददाता। सदर प्रखंड स्थित बरुआरी पश्चिम की मां दुर्गा मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। ग्रामीणों के मुताबिक इसकी शुरुआत राजा ड्योढ़ी में निजी तौर पर पूजा किया करते थे, हालांकि राजा की मृत्यु के बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सार्वजनिक पूजा शुरू की, जो आज भी आस्था और श्रद्धा के साथ की जा रही है। यह मंदिर तांत्रिक साधना का केंद्र है और विजयादशमी के दिन तंत्र साधना तथा दर्शन के लिए दूर-दूर के साधक यहां पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सबसे प्रभावशाली बात यह है कि उक्त परिसर में 10 महाविद्या और नवग्रह मूर्तियां विराजमान हैं। यही वजह है कि तांत्रिक दृष्टिकोण से भी मंदिर अपना विशेष महत्व रखता है। बरुआरी पश्चिम दुर्गा मंदिर परिसर में स्थित दस महाविद्या व ...