सुपौल, अगस्त 17 -- Supaul News: सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। बिहार सरकार की पेपरलेस और डिजिटल जमीन रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज नवीसों (कातिबों) का अनिश्चितकालीन असहयोग आंदोलन सोमवार से शुरू हो गया। इसका असर सुपौल निबंधन कार्यालय के कामकाज पर साफ दिखा। कातिबों ने कार्यालय परिसर में बैठक कर नई व्यवस्था पर अपनी आपत्तियां रखीं और मांगें पूरी होने तक असहयोग जारी रखने का निर्णय लिया। आंदोलन के पहले दिन पेपरलेस व्यवस्था के तहत एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। वहीं पुराने लंबित मामलों में 23 में से महज आठ रजिस्ट्री का निष्पादन हुआ। इससे जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सामान्य दिनों में निबंधन कार्यालय परिसर में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों, कातिबों और स्टांप वेंडरों की भीड़ लगी रहती है। सोमवार क...