सुपौल, अक्टूबर 4 -- Supaul News: किशनपुर, एक संवाददाता। जिस दूध की कमाई से पशुपालक घर का चूल्हा जलाते थे, अब वही कमाई पशुओं के पेट भरने में खत्म हो रही है। भूसा-कुट्टी के दाम में एक साल के भीतर दोगुनी बढ़ोतरी ने पशुपालन का पूरा हिसाब बिगाड़ दिया है। पिछले साल करीब एक हजार रुपये क्विंटल मिलने वाला भूसा-कुट्टी अब दो हजार रुपये क्विंटल तक पहुंच गया है। चारे के बढ़े दाम ने छोटे और सीमांत पशुपालकों के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी है। एक ओर चारा खरीदने का खर्च लगातार बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर महंगा चारा खरीदने के बाद दूध से बचने वाली आमदनी लगातार घट रही है। हालात ऐसे हैं कि कई पशुपालक पशुओं को पहले की तरह भरपेट चारा देने में भी असमर्थ हो रहे हैं। यह भी पढ़ें- Gangapar News: गंदगी, गोबर और सूखे भूसे से बीमार हो रहे गोवंश, नहीं मिल रहा बजटभूसा-कुट...