सुपौल, अगस्त 9 -- Supaul News: सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जीविका की पौधशालाएं सुपौल में रोजगार और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार बन रही हैं। जिले के विभिन्न प्रखंडों में जीविका दीदियों द्वारा संचालित 8 पौधशालाओं में अब तक 7 लाख से अधिक पौधे तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से करीब 4 लाख पौधों का रोपण जीविका परियोजना के माध्यम से कराया गया है। वहीं, करीब 20 हजार पौधे सूख गए या देखरेख के अभाव में खराब हो गए। तैयार पौधों की कुल संख्या के हिसाब से यह करीब 2.9 प्रतिशत है।

पौधों का रोपण और हरियाली इसके बावजूद बड़ी संख्या में पौधे रोपण और हरियाली बढ़ाने में उपयोग हो रहे हैं। वन विभाग और मनरेगा विभाग ने भी पौधशालाओं में तैयार पौधों की खरीद की है। इससे महिलाओं को अपने उत्पाद का बाजार भी उपलब्ध हुआ है। ...