सुपौल, अक्टूबर 15 -- Supaul News: सुपौल, कार्यालय संवाददाता। सुपौल में मां दुर्गा की आराधना के रंग भी निराले हैं और परंपराएं भी। कहीं फूल-प्रसाद अर्पित कर सात्त्विक तरीके से मां की पूजा होती है, तो कहीं नवमी के दिन बलि प्रदान की सदियों पुरानी परंपरा निभाई जाती है। जिले के विभिन्न मंदिरों में वैष्णवी, तांत्रिक और बांग्ला पद्धति से मां दुर्गा की आराधना की जाती है। अधिकांश मंदिरों में वैष्णवी पद्धति के तहत बिना बलि के पूजा-अर्चना होती है, जबकि कुछ प्रमुख मंदिरों में बांग्ला पद्धति से पूजा के साथ बलि देने की परंपरा कायम है। इनमें प्रतापगंज प्रखंड की चिरूनी उत्तर पंचायत स्थित तीनटोलिया गांव का बड़ी दुर्गा मंदिर अपनी विशिष्ट परंपरा के लिए खास पहचान रखता है। करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराने इस मंदिर में हर साल नवमी के अवसर पर लगभग दो हजार छागरों और करीब...