सुपौल, जुलाई 29 -- Supaul News: किशनपुर, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र में एक ओर बाढ़ का खतरा लगातार गहराता जा रहा है तो, वहीं दूसरी ओर सावन माह में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। विभागीय उदासीनता का आलम यह है कि आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली मोटर बोट पिछले करीब एक वर्ष से खराब पड़ी है। ऐसे में बाढ़ एवं किसी भी आपात स्थिति से निपटना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रखंड की कुल 16 पंचायतों में से पांच पंचायतें पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर पूरी तरह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आती हैं। इन पंचायतों के लोग हर वर्ष लगभग तीन महीने तक बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर रहते हैं। आवागमन बाधित हो जाता है और लोगों का संपर्क मुख्यालय से लगभग टूट ...