सुपौल, जुलाई 7 -- Supaul News: सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। सरकारी विभागों में किराये की गाड़ियों के नाम पर नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। जिले के अधिकांश सरकारी विभागों के अधिकारी नई चमचमाती एसयूवी और कारों में सफर कर रहे हैं, लेकिन इनमें बड़ी संख्या ऐसी गाड़ियों की है जिन पर सफेद नंबर प्लेट लगी है। यानी निजी उपयोग के लिए पंजीकृत वाहनों का इस्तेमाल व्यावसायिक कार्य में किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सरकार स्वयं किराये पर वाहन ले रही है तो मोटर वाहन नियमों का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा? नियमों के मुताबिक किराये पर चलने वाले प्रत्येक वाहन का कॉमर्शियल रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। ऐसे वाहनों पर पीली नंबर प्लेट लगती है, व्यावसायिक परमिट लेना पड़ता है और निर्धारित टैक्स भी जमा करना होता है। इसके विपरीत सफेद नंबर प्लेट वाले व...