नई दिल्ली, मई 19 -- Sunderkand ka path kab kare aur kab nahi: हिंदू धर्म में सुंदरकाण्ड गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस का पंचम सोपान माना जाता है। सुंदरकाण्ड में कुल 526 चौपाइयां, 3 श्लोक और 60 दोहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, लंका के सुंदर पर्वत पर हनुमान जी ने अशोक वाटिका में माता सीता भगवान श्रीराम की मुद्रिका दी थी, जिसके चलते इनका नाम सुंदरकाण्ड पड़ा। मान्यता है कि सुंदरकाण्ड का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। कई लोग सुंदरकाण्ड का पाठ प्रतिदिन, तो कुछ मंगलवार या शनिवार को करते हैं। जानें सुंदरकाण्ड का पाठ कब करना चाहिए और कब नहीं, जानें इस पाठ को करने के नियम और लाभ- सुंदरकाण्ड का पाठ कब करना चाहिए: हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, सुंदरकाण्ड का पाठ सप्ताह में किसी ...