नई दिल्ली, जुलाई 30 -- UPSC जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा में कई बार कई साल लग जाते हैं। लेकिन कुछ लोग असफलताओं को अंत नहीं मानते हैं, बल्कि एक नए रास्ते पर निकल जाते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है मुस्कान ठाकुर की। यूपीएससी परीक्षा में लगातार तीन बार असफल होने के बाद भी मुस्कान ठाकुर ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी रणनीति बदली, तैयारी जारी रखी और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। 252वीं रैंक के साथ चयनित होकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि असफलता मंजिल का अंत नहीं, बल्कि सफलता की नई शुरुआत हो सकती है। चलिए इनसे मिलवाते हैं।कौन है मुस्कान मुस्कान ठाकुर का परिवार बिहार के बेगूसराय जिले के समसा पंचायत के वार्ड संख्या-10 से आता है। उनके पिता जितेंद्र ठाकुर गृह मंत्रालय में कार्यरत...