नई दिल्ली, सितम्बर 6 -- कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जिन्हें पढ़कर आप सिर्फ सीखते ही नहीं हो, बल्कि आपके अंदर भी कुछ नया और बड़ा करने का जुनून सवार हो जाता है। एक ऐसी ही कहानी है प्रशांत उइके। जिन्होंने महज 20 साल की उम्र में ही MPPSC परीक्षा पास करके DSP का पद हासिल कर लिया था। लेकिन उनके साथ एक ऐसे हादसा हुआ कि नौकरी छोड़नी पड़ी। वो कई दिनों तक अपनी तकलीफियों से जुझते रहें। इसी दौरान लोग उन्हें ताने भी मारने लगे थे। तमाम हालातों से घबराने के बजाय डटे रहें और दोबारा एग्जाम दिया। फिर क्या था इस बार वो डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुए। ऐसे में उन्होंने ना सिर्फ दूसरों के लिए मिसाल बनें, बल्कि उनका भी मुंह बंद करा दिया, जो कभी उनका मजाक उड़ाते थे। चलिए आज हम आपको इस शख्सियत से मिलवाते हैं।प्रशांत उइके की कहानी यह कहानी है मध्य प्रदेश के एक आदिव...