नई दिल्ली, अगस्त 8 -- कहते हैं कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है और पंख टूटने के बाद भी हौसला बरकरार रहता है। मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव के किसान परिवार में जन्मे संदीप कुमार साहू की कहानी इसी बात की जीती-जागती मिसाल है। सात बार असफलता का सामना करने के बाद, आठवीं बार की कोशिश में उन्होंने वो कर दिखाया जिसका सपना लाखों युवा हर साल देखते हैं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 631 हासिल की।किसान परिवार से निकला पहला इंजीनियर संदीप का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जिसकी रोजी-रोटी खेती-किसानी से चलती थी। गांव में पढ़ाई-लिखाई के सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर अपने पूरे गांव के पहले इंजीनियर बनने का गौरव पाया। डिग्री पूरी करने के बाद 2017 में...