नई दिल्ली, जुलाई 25 -- Success Story: सफलता की बहुत कम कहानियां ऐसे दर्दनाक और रुला देने वाले नुकसान के साथ शुरू होती हैं। जब डॉ. अथिरा सुगथन 28 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद जागीं, तो उन्हें अपना नाम तक याद नहीं था। वो अपने माता-पिता, भाई-बहनों और दोस्तों को भी भूल चुकी थीं। एक भयानक सड़क हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी में ऐसी चोट आई थी कि डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि वो अब कभी अपने पैरों पर चल नहीं पाएंगी। उनकी सारी यादें मिट चुकी थीं और उनके सारे सपने अस्पताल के बिस्तर, व्हीलचेयर और खामोशी के नीचे दब गए थे। लेकिन वक्त का पहिया घूमा। सालों बाद, उसी लड़की ने न सिर्फ अपनी यादों को फिर से बटोरा बल्कि अपनी बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की पढ़ाई पूरी की। वो एक व्हीलचेयर मॉडल बनीं, दिव्यांगों के हक के लिए काम किया और आखिर में UPSC (यूपीएससी)...