Success Story: माता-पिता करते थे खेती, गांव वाले उड़ाते थे मजाक, 22 साल की उम्र में सुलोचना बनीं गांव की पहली महिला IAS
नई दिल्ली, जून 9 -- Success Story of IAS Sulochana Meena: सफलता मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रयास का परिणाम होती है, जो अपने लक्ष्य पर अडिग रहते हैं, वे एक दिन जरूर सफल होते हैं। ये लाइन राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के गांव अडालवाड़ा की लड़की सुलोचना मीणा पर बिल्कुल परफेक्ट बैठती है। सुलोचना ने साबित कर दिया कि अगर आप डटकर किसी चीज के लिए जुट जाओ तो कुछ भी पाना मुश्किल नहीं होता। वह सबसे कम उम्र 22 साल में गांव की पहली महिला IAS बनीं। उन्होंने गांव की बेड़ियों को तोड़ा और आगे बढ़ी, आज सुलोचना गांव की हर बेटी के लिए मिसाल बन चुकी हैं, जो सपनों को पूरा करने की कोशिश में लगी हुई हैं। आज सक्सेस स्टोरी में हम सुलोचना के संघर्षों और मेहनत के दम पर हासिल सफलता के बारे में बताने जा रहे हैं।अडालवाड़ा गांव की बिटिया सुलोचना अडालवाड़ा गांव की बेटी सुलो...
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