नई दिल्ली, अगस्त 16 -- कुछ बनने के लिए जरूरी नहीं है कि दूसरों से प्रेरित हुआ जाए। बल्कि कुछ घटनाएं भी ऐसी होती हैं, जो आगे बढ़ने की वजह बनती है। हेमंत पारीक की कहानी भी कुछ ऐसी है। बेहद ही साधारण परिवार में जन्मे हेमंत पारीक के लिए सबकुछ पाना आसान नहीं था। आर्थिक मुश्किलों के अलावा कई ऐसी चुनौतियों थीं, जो उन्हें कुछ करने से रोकती रहीं। क्योंकि मां एक मनरेगा मजदूर थीं और पिता की भी कुछ खास कमाई नहीं थी। लेकिन हेमंत ने इन चीजों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि इनका सामना किया और आखिर में यूपीएससी की सिविल सर्विसेस परीक्षा को पास कर अपनी मंजिल को प्राप्त किया। हेमंत के जीवन में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें अपनी मां को मजदूरी दिलाने के लिए न्याय की गुहार लगाई और अधिकारी ने उन्हें दुत्कारे हुए कहा कि ज्यादा कलेक्टर ना बनो। फिर क्या था...