नई दिल्ली, जुलाई 9 -- कहते हैं कि अगर आप किसी भी चीज को शिद्दत से चाहो, तो पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने में जुट जाती है। लेकिन सिर्फ चाहना ही काफी नहीं होता, उसके लिए लगातार मेहनत, धैर्य और हार न मानने का जज्बा भी चाहिए। चिराग चोपड़ा की कहानी इसी बात का जीता-जागता उदाहरण है। जब हालात उनके खिलाफ हो गए, परिवार का कारोबार बंद हो गया और आर्थिक तंगी के कारण घर तक बेचना पड़ गया, तब जिंदगी ने एक साथ कई कठिन इम्तिहान लिए। लगातार असफलताओं की वजह से परिवार ने भी उनसे बात करना बंद कर दिया, लेकिन उन्होंने अपने सपने को टूटने नहीं दिया। बिना किसी कोचिंग के सिर्फ सेल्फ स्टडी और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने तैयारी जारी रखी। आखिरकार उनका संघर्ष रंग लाया और उन्होंने IBPS परीक्षा पास कर बैंक अधिकारी बनने का सपना साकार कर दिखाया। चलिए चिराग से मिलवाते हैं।ग...