Success Story: पंचर की दुकान पर काम करने वाला लड़का बना IAS, UPSC में हासिल की 32वीं रैंक
नई दिल्ली, अगस्त 5 -- IAS Varun Baranwal Success Story: जब इरादे मजबूत हों और कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो गरीबी और विपरीत परिस्थितियां भी आपके रास्ते की रुकावट नहीं बन सकतीं। इस बात को साबित कर दिखाया है महाराष्ट्र के पालघर जिले के रहने वाले वरुण बरनवाल ने। एक समय जब घर चलाने के लिए पिता की मौत के बाद वरुण को साइकिल पंचर की दुकान संभालनी पड़ी थी, उसी वरुण ने अपनी मेहनत और मां के त्याग के दम पर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2016 में ऑल इंडिया 32वीं रैंक हासिल कर ली।पिता के निधन से टूटा परिवार का सहारा वरुण के पिता एक छोटी सी साइकिल पंचर लगाने की दुकान चलाते थे, जिससे पूरे परिवार का पालन-पोषण होता था। साल 2006 में, जब 16 वर्षीय वरुण ने 10वीं की परीक्षा दी थी, उसके केवल तीन दिन बाद ही उनके पिता का लंबी बीमारी के क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.