नई दिल्ली, जुलाई 8 -- पीढ़ियों तक भारत की ज्यादातर बेटियों से यही कहा जाता रहा है कि वे डॉक्टर, टीचर, इंजीनियर या वैज्ञानिक बन सकती हैं। इसके अलावा उन्हें बड़े सपने देखने, मेहनत से पढ़ाई करने और अच्छा करियर बनाने के लिए प्रेरित किया जाता था। लेकिन एक सपना ऐसा था कि जो लगभग लड़कियों के लिए नाममुकिन माना जाता था। वो था फाइटर जेट उड़ाना यानी फाइटर जेट का पायलट बनना। काबिलियत होने के बावजूद लड़कियों के लिए फाइटर जेट उड़ाने का रास्ता बंद था। लेकिन मध्य प्रदेश के छोटे से कस्बे से निकली अवनी चतुर्वेदी ने इस सोच को बदल दिया। उन्होंने अकेले MiG-21 बाइसन फाइटर जेट उड़ाकर इतिहास रच दिया और भारत की पहली महिला बन गईं, जिन्होंने बिना किसी ट्रेनर के फाइटर विमान की कमान संभाली। उनकी कहानी आज लाखों बेटियों के लिए हौसले और मेहनत की मिसाल बन चुकी है। चलिए ज...