नई दिल्ली, अगस्त 17 -- स्पाइसजेट (SpiceJet) के लिए सोमवार का दिन कानूनी मोर्चे पर काफी अहम रहा। एयरलाइन ने एयरक्राफ्ट लीजर (Aircraft Lessor) एविएटर ML के साथ करीब Rs.60 करोड़ के भुगतान विवाद को सुलझाने का दावा किया, लेकिन इसके बावजूद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने एयरलाइन के खिलाफ दायर 8 दिवालिया याचिकाओं पर अपना फैसला टाल दिया। दरअसल, अन्य विमान पट्टेदारों ने इस समझौते का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि क्या एक ही कंपनी के साथ समझौता करके स्पाइसजेट (SpiceJet) बाकी 8 मामलों में दिवालिया कार्यवाही को रोकने की कोशिश कर रही है। इन मामलों में विमान पट्टेदारों की ओर से कुल Rs.500 करोड़ से ज्यादा के बकाये का दावा किया गया है। यही वजह है कि मामले ने स्पाइसजेट (SpiceJet) के सामने मौजूद वित्तीय और कानूनी चुनौतियों को फिर से सुर्खियों में ला दिया...