सोनभद्र, जुलाई 24 -- Sonbhadra News: चोपन,हिंदुस्तान संवाद। स्थानीय गांव के मेड़र माता मंदिर पर चल रहे सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन राम-सीता विवाह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस दौरान मंगलगीतों के साथ सीता-राम के जयकारों से पूरा पांडाल गूंज उठा। कथावाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने श्रीराम-सीता के विवाह की कथा सुनाते कहा कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा हुआ था। एक दिन सीता ने घर की सफाई करते हुए उसे उठाकर दूसरी जगह रख दिया। उसे देख राजा जनक को आश्चर्य हुआ, क्योंकि धनुष किसी से उठता नहीं था, उसी समय राजा ने प्रतिज्ञा ली कि जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। उन्होंने स्वयंवर की तिथि निर्धारित कर सभी राजा-महाराजा को विवाह के लिए निमंत्रण भेजा। वहां आए सभी राजाओं ने एक-एक कर धनुष को ...